जलवायु किसे कहते है? | जलवायु परिवर्तन के कारण और प्रभाव जाने हिंदी में



जलवायु किसे कहते है यह आमतौर पर हम स्कूल के अंदर सीखते है लेकिन कई बार जीवन में भी जलवायु के बारे में जानना जरूरी होता है। जलवायु क्षेत्र पर आधारित लंबे समय तक चलने वाला मानसून होती है जैसे अगर राजस्थान की जलवायु की बात करें तो यहाँ पर गर्म जलवायु होती है जिस कारण साल भर में अधिकतम समय गर्मी रहती है वहीं अगर कश्मीर और हिमाचल की बात करें तो वहाँ की जलवायु ठंडी रहती है और साल के अधिकतम समय यहाँ ठंड ही होती है। 
भारत में विभिन्न क्षेत्रों की जलवायु अलग अलग प्रकार की होती है। जलवायु किसी भी क्षेत्र पर लंबे समय तक रहती है और किसी भी क्षेत्र की जलवायु परिवर्तित होने में हजारों साल का समय लग जाता है। इस लेख में आप जलवायु किसे कहते है और जलवायु की विशेषता के बारे में विस्तार से जानेंगे। 


जलवायु किसे कहते है?


jalvayu kise kahate hain


जलवायु दो प्रकृति में उपस्तिथ चीजों जल और वायु से मिलकर बनी होती है वायुमंडल में जल और वायु का अनुपात किसी भी स्थान के लंबे समय का मौसम औसत होता है। किसी क्षेत्र में लंबे समय तक जब कोई एक मौसम होता है तो उसे उस स्थान की जलवायु कहा जाता है अर्थात मौसम के दीर्घकालिक औसत को जलवायु कहते है। जैसे भारत की जलवायु अन्य देशों की तुलना में अलग है जहाँ भारत में गर्मी अधिक होती है तो यूरोपियन देशों में बर्फबारी और सर्दी काफी होती है। 

भारत की उष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु है जो दक्षिण एशिया से दक्षिण पूर्व एशिया में बहती है। 

जलवायु और मौसम में क्या अंतर है ?

जलवायु और मौसम में अंतर को निम्न सारणी के माध्यम से विस्तार से जान सकते है। 


मौसम

 जलवायु

किसी स्थान के विशेष समय की वायुमंडलीय दशाओं जैसे तापमान,आद्रता,पवन और वर्षा आदि को मौसम कहते है 

किसी क्षेत्र में मौसम के दीर्घकालिक औसत को जलवायु कहते है इसका प्रभाव जीवों और वनस्पतियों पर पड़ता है और पेड़ पौधों वनस्पतियों का विकास होता है।

मौसम समय अनुसार बदलता रहता है जैसे दिन में कभी मौसम साफ रहता है तो उसी दिन बारिश भी होने लगती है।

जलवायु काफी समय तक स्थायी अवस्था में होती है जैसे राजस्थान में अधिकतम गर्मी होती है तो कश्मीर हर समय सर्दी का आलम रहता है।

मौसम एक ही स्थान पर कई प्रकार का हो सकता है जैसे कभी गर्मी ज्यादा हो तो कभी सर्दी ज्यादा

जलवायु एक ही प्रकार की होती है जैसे कश्मीर की जलवायु ठंडी है तो वहाँ काफी समय ठंड ही रहती है

मौसम की अवधि निश्चित नहीं होती है यह 1 घंटे और 1 दिन में कभी भी बदल सकता है।

जलवायु की अवधि निश्चित होती है और इसकी दशाएँ वर्षभर में दृष्टि गोचर होती है।

मौसम का कुछ समय पहले अनुमान लगाया जा सकता है

जलवायु की केवल संभावना व्यक्त की जा सकती है।

मौसम के अनुसार जीव और वृक्ष दिनचर्या में भी परिवर्तन करते है।

जलवायु में जीवों और वनस्पतियों की दिनचर्या में कोई परिवर्तन नहीं आता है।

मौसम के अध्ययन को मेटेरोलॉजी कहते हैं

जलवायु के अध्ययन को क्लाइमटोलॉजी कहते हैं



जलवायु परिवर्तन क्या है ?


किसी स्थान विशेष के औसत मौसम में परिवर्तन होने की प्रक्रिया को जलवायु परिवर्तन कहा जाता है यह प्रक्रिया एक विशेष स्थान पर ही हो सकती है और पूरे विश्व में भी हो सकती है इसके प्रभाव को वर्तमान में पूरी दुनियाँ पर देख सकते है। इसके अलावा जलवायु परिवर्तन होने से मनुष्यों पर गहरा प्रभाव पड़ता है जैसे कई प्राकृतिक आपदाओं का आना और मौसमी बीमारियों का बड़ी मात्रा में फैलना मानव जाति पर बड़ा संकट ला सकता है। 

जलवायु परिवर्तन के क्या कारण है ?


जलवायु परिवर्तन के कारणों को दो भागों में विभाजित किया गया है 

प्राकृतिक कारण 


महाद्वीपीय संवहन :- पिछले कुछ महाद्वीप तेजी से खिसक रहे है जिस कारण हवाए और समुद्री धाराएँ प्रभावित होती है और इसका सीधा असर पृथ्वी की जलवायु पर पड़ता है। 

ज्वालामुखी विस्फोट :- ज्वालामुखी के विस्फोट पर बड़ी मात्रा कार्बनडाइऑक्साइड और सल्फरडाईऑक्साइड उत्सृजित होकर वायुमंडल में प्रवेश करती है जिस कारण पृथ्वी में तापमान कम हो जाता है और जलवायु में अचानक परिवर्तन देखने को मिलता है। जिसका एक अच्छा उदाहरण ' killing summer frost ' है। 

पृथ्वी का झुकाव :- जब जब पृथ्वी झुकाव लेती है तो ऋतुओं में परिवर्तन होता है जैसे पृथ्वी अगर ज्यादा झुकाव लेती है तो अधिक सर्दी और गर्मी होती है और कम झुकाव लेती है तो सर्दी व गर्मी दोनों कम होती है। इस प्रकार बार पृथ्वी का झुकाव लेना भी जलवायु को काफी प्रभावित करता है। 

मानवीय कारण 


औधोगिकीकरण :- उनीसवीं सदी की औद्योगिक क्रांति के पश्चात बड़ी मात्रा में उध्योग स्थापित हुए जिनसे निकलने वाली नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड,कार्बनडाइऑक्साइड और सल्फरडाईऑक्साइड जैसी जहरीली गैसे वायुमंडल में उत्सृजित होकर ओजोन परत को क्षति पहुँचाती है और पृथ्वी पर तापमान में वृद्धि करती है जिस कारण जलवायु में काफी परिवर्तन देखने को मिलता है। 

वनोन्मूलन :- पिछले कुछ समय से बड़ी मात्रा में वृक्षों को काटा जा रहा है जिस तरह आबादी बढ़ रही है उसके हिसाब से निजी जरूरतें भी बढ़ रही है और लोग घर,लकड़ी और खेती के लिए वृक्षों को काट रहे है। इसके अलावा सड़क,रेल और कई आधुनिक सुविधाओं के लिए वृक्षों को काटा जा रहा है जिससे पृथ्वी पर हरा भाग कम हो रहा है इस कारण जलवायु में भी काफी परिवर्तन देखने को मिल रहा है। 

रासयनिक कीटनाशकों और उर्वरकों को का प्रयोग :- वर्तमान भूमि की उपजाऊ क्षमता को बढ़ाने के लिए बड़ी मात्रा में कीटनाशकों और उर्वरकों का प्रयोग किया जा रहा है जिससे हवा और पानी दोनों प्रदूषित हो रहे है और साथ ही कुछ समय पश्चात भूमि भी बंजर हो जाती है। इससे पर्यावरण तेजी से प्रदूषित होने के साथ साथ जलवायु भी काफी प्रभावित हो रही है। 

जलवायु परिवर्तन का प्रभाव 


जलवायु परिवर्तन हर किसी के लिए काफी घातक परिणाम साबित हो सकता है जिससे मानव से लेकर जैव और वनस्पतियाँ भी खतरे में पड़ सकती है। जलवायु परिवर्तन से निम्न प्रभाव देखने को मिलते है। 

वर्षा पर प्रभाव :- जलवायु परिवर्तन का वर्षा के ऊपर काफी प्रभाव होता है इससे मानसूनी क्षेत्रों में वर्षा और अत्यधिक होने लगेगी जिस कारण बाढ़,भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाएँ होगी इसके विपरीत कम वर्षा वाले क्षेत्रों में सूखे जैसी स्तिथि हो जाएगी और पीने के लिए भी जल उपलब्ध नहीं होगा और जल की मात्रा व गुणवत्ता में भी भारी गिरावट देखने को मिलेगी। अगर भारत में ऐसे हालात होते है तो पूर्वोत्तर और दक्षिण पश्चिम राज्यों को बाढ़ जैसे हालातों का सामना करना पड़ेगा वहीं उत्तर और मध्य में सूखे की समस्या तक भी आ सकती है। 

कृषि पर प्रभाव :- जलवायु परिवर्तन से अलग अलग देशों की भूमि की उपजाऊ क्षमता में वृद्धि और कमी हो सकती है जिस कारण भुखमरी जैसी समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है। भारत में अत्यधिक जलवायु परिवर्तन से गन्ना और मक्का के उत्पादन में वृद्धि होगी लेकिन गेंहूँ और धान की फसलों की उत्पादकता कम हो जाएगी। 

निष्कर्ष


उम्मीद है दोस्तों आपको यह लेख पसंद आया होगा और आपको जलवायु किसे कहते है व इसके कारण और प्रभाव के बारे में पूरी जानकारी मिली होगी जिससे आपको भी काफी कुछ सीखने को मिला होगा इसके अलावा भी अगर आपके मन में जलवायु से संबधित कोई सवाल है तो कमेंट बॉक्स में अवश्य बताए। 

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FAQ


जलवायु क्या है?

किसी स्थान का दीर्घकालिक औसत मौसम जलवायु है। 

मौसम क्या है?

किसी स्थान की वायुमंडलीय अवस्था पवन,आद्रता और तापमान में अल्पकालिक परिवर्तन मौसम है। 

मौसम के अध्ययन को क्या कहते है ?

मौसम के अध्ययन को मेट्रोलॉजी कहते है। 

जलवायु के अध्ययन को क्या कहते है ?

जलवायु के अध्ययन को क्लाईमेटोलॉजी कहते है। 

भारत की जलवायु कैसी है ?

भारत की उष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु है। 




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