Advertisement

हिंदी भाषा की लिपि क्या है | Hindi Bhasha Ki Lipi Kya Hai

नमस्कार दोस्तों इस लेख में आप हिंदी भाषा की लिपि क्या है इसके बारे में पूरे विस्तार से जानेंगे। दोस्तों हिंदी जिसे हम सभी स्कूल के विषय समझते थे वो सिर्फ विषय नहीं हमारा परिचय है, हमारा सम्मान है हमारे बोलने का एक माध्यम है। भारत की आधी से ज्यादा जनसँख्या हिंदी भाषा बोलती है हालाँकि अलग अलग राज्यों और क्षेत्रों के लोग स्थानीय भाषा का प्रयोग करते है लेकिन हिंदी के बिना उस भाषा का महत्व भी अधूरा है। भारत में अनेक प्रकार की संस्कृति और भाषा है लेकिन यह विविधता में ही भारत की एकता देखने को मिलती है। 

भारत के हर शहर चाहे कश्मीर हो या कन्याकुमारी या फिर अरुणाचल से गुजरात तक हर व्यक्ति में हिंदी भाषा का अंश छुपा है। हिंदी भारत के साथ साथ पूरी दुनियाँ में बोली जाने वाली सबसे अच्छी भाषाओँ में से है जो भारत में केंद्रीय स्तर आधिकारिक भाषा और आबूधाबी में 2019 न्यायालय द्धारा तीसरी मूल भाषा मानी जाती है। 

हिंदी सरल और आसान भाषा है जिसमें संस्कृत के तत्सम और तद्भव शब्दो का प्रयोग किया है इसी से ही ब्रज ,अवधि, डिंगल, उर्दू ,मैथिली भाषा का निकली है। भारत की सबसे लोकप्रिय हिंदी भाषा की लिपि क्या है जानने के लिए इस लेख को पूरा अवश्य पढ़ें। 


लिपि क्या है?


Hindi Bhasha Ki Lipi Kya Hai



हिंदी भाषा की लिपि क्या है जानने से पहले लिपि क्या है यह आपको अवश्य पता होना चाहिए। 

लिपि सामान्यतः किसी भी भाषा को लिखने का ढंग या निश्चित चिन्हो को लिखने की प्रक्रिया लिपि कहलाती है। किसी भी भाषा के उच्चारण के लिए वर्णो का प्रयोग होता है और इन वर्णो निश्चित चिन्ह के अनुसार लिखा जाता है और इसी प्रक्रिया को लिपि कहते है। 


लिपि कितने प्रकार की होती है ?


लिपि तीन प्रकार की होती है 

  • चित्र लिपि
  • ब्राह्मी से व्युत्पन्न लिपियाँ
  • फोनेशियन से व्युत्पन्न लिपियाँ


हिंदी भाषा की लिपि क्या है ?


हिंदी भाषा की लिपि देवनागरी लिपि है जिसे अन्य नाम नागरी लिपि से भी जाना जाता है इस लिपि का हिंदी भाषा के अलावा 175 से अधिक भाषाओँ को लिखने में भी प्रयोग किया जाता है। देवनागरी लिपि में अक्षरों को वैज्ञानिक तरिके से क्रमबद्ध किया गया है इस कारण इस लिपि को व्यापक और वैज्ञानिक लिपि भी माना जाता है। 


देवनागरी लिपि की विशेषताएँ 


  • देवनागरी लिपि में जैसा लिखा जाता है वैसा ही पढ़ा जाता है इस लिपि में वर्णों को बाएँ से दाएँ तरफ लिखा जाता है ठीक उसी प्रकार दाएँ से बाएँ तरफ ही वर्णो का उच्चारण भी होता है। 
  • देवनागरी लिपि अन्य लिपि जैसे रोमन लिपि से काफी आसान और सरल होती है। 
  • देवनागरी लिपि में लिखी गयी भाषा को ट्रांसलेट करना आसान होता है। 
  • हिंदी भाषा के अलावा संस्कृत, पालि,मराठी, कोंकणी, सिन्धी भोजपुरी, मगही, कश्मीरी, अंगिका, नेपाली,गढ़वाली, बोडो, संथाली ,मैथिली आदि भाषाओ को लिखने के लिए देवनागरी लिपि प्रयुक्त की जाती है। 
  • देवनागरी लिपि में भाषा को लिखने 52 अक्षर का इस्तेमाल किया जाता है जिसमें 14 स्वर और 38 व्यंजन होते है और इन अक्षरों को क्रमबद्ध वैज्ञानिक तरिके से किया जाता है। 
  • देवनागरी लिपि में किसी भी शब्द को लिखने पर उसके ऊपर एक लाइन खींची जाती है जिसे शिरोरेखा के नाम से जाना जाता है। 
  • देवनागरी लिपि का प्रचलन देवनगर ( काशी ) से हुआ इसलिए इसे देवनागरी लिपि के नाम से जाना जाता है इसके अलावा नगरों में अधिक प्रचलित होने के कारण भी देवनागरी लिपि नाम पड़ा। 
  • देवनागरी लिपि में भारतीय भाषा के साथ कई विदेशी भाषा भी लिखी जाती है। 
  • देवनागरी लिपि को अन्य लिपियों जैसे रोमन, चीनी और फ़ारसी के मुकाबले अधिक वैज्ञानिक माना जाता है। 
  • देवनागरी लिपि में लिखा गया हर वर्ण संपूर्ण होता है और उसके बोलने व लिखने में भी कोई अंतर नहीं होता है। 


हिंदी भाषा का विकास कब हुआ ? 


संस्कृत भाषा से निकली हिंदी भाषा का विकास 20 सदी में काफी हुआ और शिक्षा के क्षेत्र में हिंदी को काफी बढ़ावा मिला साथ ही प्रेस और अख़बार के माध्यम से हिंदी भाषा का काफी विस्तार हुआ। वर्तमान में व्यापार से लेकर कानून,खेल और विदेशों तक हिंदी भाषा का प्रचलन हो रहा है। 


हिंदी भाषा के बारे में 


हिंदी भाषा भारत की राज भाषा है जिसे 14 सितंबर 1939 को संवैधानिक तौर पर राज भाषा का दर्जा प्राप्त हुआ और इसे मानक हिंदी के नाम से भी जाना गया। 

  • हिंदी संस्कृत भाषा की अपभृंश है। 
  • हिंदी भाषा को देवनागरी लिपि में लिखा जाता है। 
  • विश्वभर में हिंदी भाषा बोली और पढ़ाई जाती है। 
  • हिंदी भाषा का सबसे ज्यादा बोला,लिखा व सर्च किया जाने वाला शब्द नमस्ते है। 
  • विश्वभर में 10 जनवरी को हिंदी दिवस मनाया जाता है। 
  • भारत में हर वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। 
  • भारत के संविधान में राज भाषा हिंदी का वर्णन भाग 17 में अनुच्छेद 343 से 351 तक देखने को मिलता है। 
  • इंटरनेट की दुनियाँ में भी लगातार हिंदी भाषा की लोकप्रियता बढ़ी है। 

निष्कर्ष 



उम्मीद है दोस्तों आपको यह लेख पसंद आया होगा और आपको हिंदी भाषा की लिपि क्या है इसके बारे में जानकारी मिली होगी। दोस्तों हिंदी सिर्फ भाषा नहीं हमारी पहचान है और कई लोगों को हिंदी बोलने में शर्म आती है और अंग्रेजी बोलना ज्यादा पसंद करते है यह काफी गलत है क्योंकि जिस भाषा को हमने अपने जन्म से बोलना शुरू किया है अगर उसी को बोलने में शर्म आ रही है तो वो दिन दूर नहीं जब आप अपने परिवार के बारे में बताने पर भी शर्माएंगे। इसके अलावा अगर आपके मन में इस लेख से संबधित कोई डॉउट है तो उसे Comment Box में अवश्य बताए। 

दोस्तों इसी तरह की महत्वपूर्ण जानकारी अब फेसबुक पर भी उपलब्ध है आपको पास में नजर आ रहे फेसबुक पेज को लाइक और फॉलो करना है और इसके साथ इंस्टग्राम आइकॉन पर क्लिक करके मेरा साथ देना ताकि ऐसी नई नई जानकारियाँ हिंदी में आप तक पहुंचाते रहुँ। 

दोस्तों यह लेख हिंदी भाषा की लिपि क्या है बारे में पूरी जानकारी हिंदी में अपने सभी दोस्तों और परिवार के साथ इंस्टाग्राम , व्हाट्सप्प और ट्विटर पर शेयर करें ताकि उन्हें भी सारी जानकारी हिंदी में मिल सकें।


FAQ


हिंदी भाषा की लिपि क्या है ?

हिंदी भाषा की लिपि देवनागरी है। 

हिंदी भाषा का महत्व क्या है ?

हिंदी भाषा का हमारे जीवन में काफी महत्व है इसी के माध्यम से हमने बोलना और लिखना सीखा है जिससे आज हर व्यक्ति कोई बिजनेसमैन बना है तो बड़ा खिलाडी और स्टार इसलिए कभी भी हमें बोलने पर शर्म नहीं आनी चाहिए बल्कि गर्व होना चाहे की हमारी भाषा हिंदी है। 

हिंदी भाषा का सामान्य परिचय क्या है ?

हिंदी भारत की राज भाषा है जिसे देवनागरी लिपि में लिखा जाता है जो संस्कृत की अपभृंश है और इसमें तत्सम तद्भव शब्दो का प्रयोग किया है। इसे भारत सहित विश्वभर में बोला जाता है। 

भारत में हिंदी भाषा किन किन राज्यों बोली जाती है ?

पूरे भारतवर्ष में हिंदी भाषा बोली जाती है लेकिन कई राज्यों स्थानीय भाषा जैसे मराठी बंगाली आदि का प्रयोग किया जाता है लेकिन निम्न राज्य ऐसे है जहाँ हिंदी भाषा का प्रयोग काफी किया जाता है। 

  1.     उत्तर प्रदेश 
  2.     उत्तराखंड 
  3.     मध्य प्रदेश
  4.     छत्तीसगढ़ 
  5.     बिहार
  6.     झारखंड
  7.     राजस्थान 
  8.     हरियाणा 
  9.     हिमाचल प्रदेश 
  10.     दिल्ली


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ